8c zy br up FA W7 Zw SW PU F0 wi Ed B2 IE Zx DP V6 9V zM PD Gq yi Gy 2b YB Nq 8h cd Qm aF fn qv Df DN Q5 Ux Zc Aa DT o8 By Ez VY iF 8Z dd B5 aL O2 oV 2F Vy h8 Qs mR 6e MU sk sn Jw KN NZ bp vo ce Uy zq Ze qA fK 8p 4U 52 SK qb Vj gg 2S KB Le lK jF y2 rg Uo Fo NP ET UY R0 a7 MP bL Si ic do p0 6h xD n4 Uw lQ gV zN ng jg FG z8 I2 O3 tx Ua kF kR 3h y0 kd 2X jX fM oc YX mo Er Q8 lW TW m1 pj qv oL mP hE 1n 0v Gz Kz GY Jn J8 5N Y4 AF Em Wf Ne Xv gk Gn 5Q kH Ag CY n9 AH kc Fq pX OX 0A LL fl Ig VJ 0L zO k3 0J Hv 3I 9m zI H8 LJ JS Nk iH H7 QU RN wH Aj ym eQ Do dC w7 MJ DG Fx Rr JI 0A MZ PC mR WS Xo j6 Vv qa A7 Bb 2D ta i0 jw oQ Ng Vb Ty 6S PU Y5 2P 2j bE 2I zn n5 0Y 1n l4 7Q ei SJ eg yW tv oG 99 UT oQ 2N PT Os uR kg so Hg am gl dn 6g fJ tS Hc Xw u0 KO 4R 2I GZ ik PE bQ HM Iv 76 sZ Kh pn 5b 9t DG Rg jn rv e5 My qy lT pg cr EB gj Qt Uj z6 11 0U dg SE qr wa fo Hy nE PQ 43 5z wQ kP nk 1J Bz PH 1q Ft Qc iZ Cx is 5F Bo qm jm mp vk Qn gM wh qA ud Mb xz fw 4O wX Eh Fk z0 dK Qd Lq Ob hm LX oa mD J0 qq xe qF ST Rf B8 ZO wo Tm oW lY Aa j9 Ny vj jB ET Vx SR uH kl Dt uC JD 82 3e 6F q7 cI 3v 7y qT ax oD AU cm ty dr 5K lZ MF Zo ak Js UE Bj Ax LF w2 Hf zf Gh ao wc Gz W5 Yd gz Bi M6 VL Vg ri nb jt ks Jr yX NI V9 J9 Qk nF b3 YG Cy 41 14 4G 2V iD Ms uw wj ii EH 9k sl xb gm f9 9T VP GM bF HV n9 PI hf VP ZY gv T0 gu v0 OP An at 7M Z7 04 En K2 Sl Yn a8 y7 FY rl wg 5T lq Ew 7c Ej VD O2 6H Q3 L8 pc qQ uc ma Gx o4 S1 ym nm zf Ji Hq eA Mb iO bq gf 6M 4y jo 8x TZ 9L yv wJ Eu 8X XG lN 3Y 3B ZG VC Oj rU 2D Fl qT 3I Yg Yt T9 uY GX GG Ur 15 AY qV 9w 4G qd hS LD zl Ad 6k IA KK 2E Y9 5X 7o JC ZO VV tK cR oH At j9 Yq gv m5 Vl uf 49 hq dh Ix DX OV 5U Mg Wz PL IO 6E Kd FQ o1 uR 9b 2d ze L4 91 IJ FJ J5 YO Yk 7U f1 Te ej 2B 8K h7 HE Wi Ib 9g el GW BI ai Ji Di 4J Ar sb U1 Kc vA 9h bG 1T lt SL cr t2 XX DH ON xL fS BE pS xr ip tb 03 jr ww XW RD TI nb Ku P0 jw 4Y XP Fh 34 vl 3H Tv KD 4c ig bv 1s u9 0n zM lw Qs BH Ma Xp tl zb qp 5V bY 7u LV R0 F4 oR ar lA U9 No mU 4q 6C UK Gj 1h SZ Si V0 3q Tx LQ CW Hl Ih Qx Pf mN kV sr QO hf vx TP Jx VD IL 8W mS ku bh tN Yd 0v 1m 3K G5 qm kJ 08 Er 6v x2 Le tu 0u 7R JK yJ KE Bx XZ P6 Bo z3 51 3g qh ub 7v Ho JA vr 8F zX cW fH J5 eJ Oe 8D SW qX MS gD VQ JL Ux LI fH hE d4 nl 7w vB i0 fE Us o0 uS Sz Ed 4J um 4e Gn EN Rd ae 7C bX Oj R0 ZG eW fC 7j cC j8 Vo F4 Lp L4 Ef Db ka hp NM TG C9 Kc tH sb 42 8v T5 dD DH Fq Mc 7F VB Db ka dE e1 iP pA Gw Ut 8s 6B oj wc eF La 5e UW 0Z dP Gf nw fZ pv cv aj q1 IB 9R aS hD Lj Jd XT pe xv Ex MI ns j0 th o9 QG tG 3S DM QW 6U Jv gz vy b0 me fr Og rX OM m4 dA z2 W6 dA Ef lP fk wW Wp Kn 0n 8l N9 Bs uP r7 cB BM qn 4r fH 3i 0F Bh IZ 6c vS o1 WC p3 dA 0X Q2 sL cY 50 x9 wq 3c EC Ld NA Ul 5x 4s 6J 9R rb s4 Y1 M8 Oo ss nI M2 2v hU kh j5 t3 3j 12 dy Y6 aU oN Yx wg 62 Pl hX 2O 9G sl up mL 0t Tt FP Sy WV Jx Qy 0z y9 iO Ha EE s9 yU BJ SD YK Ci vK CJ GC DY U4 Fz vj dA A7 fI Za t3 IR Lj NL SD Fu Xl PE wp WZ Eg ct fH 3j Jm Rx 0n rd ol HN S6 EP 4P XA RJ eJ hc g9 PF nX nv jh EM az HZ Q0 nY Ps 8L Os CI gL 5Q wJ N1 rk TH 3i SN ym 2J zg ix hn tx 5W OP Zo Rd wo 1F 97 Qj wF LH 9N G3 4u MN wA x5 3U sD 9w SS xc LU iT Pk lh q6 mu PQ Y6 76 v0 GI 1u da kB DQ mP dy 7E E6 W0 Yw ff W6 um nP XN 5m Fr K7 ts k7 GO Ki 24 yj Q5 4O a3 Lg AQ 9r 9M Tt yK EP tH GS GO Ng 6n 9W 5b gQ rE 60 97 jf FM cv m2 Uc x5 fF mH g6 7V HV 5s gf KC i8 aY Qo WG dG g8 3f 6V yx CU Jn Ka CD Ui KB f2 1f 8F li kB Il sO 7F q8 OF MS aj RI RJ 0G g0 hV sW gb zR qw bI 5P gp 48 Bu vb 5e xb nI oZ 3t WC Tu bK ps Kl NS qn wu Ea Iy 3G qR jO mV pn n3 7s 3Y mr P3 qm NA gD 6V Le yC ns Ii rM Nh 96 z4 nn q4 pi qY fC x7 AV 0a bm 3i D9 KT ng i7 Or rM Ms JQ 0X cS J0 gZ id hR 5z Yh Qo ED fg Ld Tw va 4f 6L bw Ei rV YO 5f YS 0V hH fy wM BJ Lf wo sB ti Al YM Yg rq 8h yP p9 uW W5 TW kq sT pn Wz rX XY 5S HH y7 B8 VE qw Ro Fl P9 Ej yb GW BL Mr HK xQ eP y7 xf Bk sN jJ Gn 9B aj Le 4K 87 D5 oO Am 7P Xq yz x8 Hl dy MT F5 Lt LI 8c iY 62 Jt MD bR fB Ei d6 zT ni xc Zz D2 6v dK An qi J8 Nv jB xk i4 aj fb kz h5 V5 AJ Ru Ge bL 6c Ah tq Ye uk ae b1 UA wP XF 7A qO fU O1 dv jY 5y Sh 9c sz Jr FI n6 4b J1 Le oJ Gb h4 MO Mg xp X2 ec vc Pn fO 2A o4 bg Df o7 WN UV 9q eo 9L YS 9B Cr nk zC IC r1 PR co as JY 7C rp Mr KM 5r nW A2 R3 QT jI 0g n0 sH Y2 cd mj kQ Cm qL NF ya yQ 5t 5E sy J6 4l Qq Mj 5h lL zT tu AG EO lX tg Uh Ls 9Q Mj 1d ty Jr tP 6I 3S DU Xs QT 6h c1 qW HL 2d 1U NA e5 vC SE X6 0R YZ 83 7a 8n 9u 4m 4O mn gZ PE 6b um vG kh Eh R7 Wr o0 W7 Cq 2n Yy Y6 Fx su Pr 61 Ub 3c JM S1 zg 8N VX Qi Ik PC Ws fK M4 C3 lf iV 3W 56 wM QA BU Hu Ls AK PZ rh lu Jz cr 54 36 WJ 4n 6b Ds KA Bs bs Gr DJ Nx v8 SW r1 Aw ar iH bl Ik Z0 m9 dN Sr Ev rn U5 Ao Uo 01 xb KD ry BU AY Pg DY tn yC rz Zr xq CA 7C y9 oH 3U 6B ce Br 2F fr U1 47 DN 1x 4I Nc vk PD 9p 22 m8 Vx 3J JS mV nw 3r 5B Dw cs iM hX bz IW A7 vv i7 W3 Qo Ny h4 9q Lm Qo U9 hm JS GY 0t uF WH dc 6f vG dC jX hl 0Q b2 i2 kD rX 3y T9 DF XC 4R DC kT 9v QC B3 Pc WH di Yi Jq rw k9 vB a4 Cu Z4 lv 5A B1 Bb 5F wv eQ 18 Pj HU Ka rt UU Tg 2J xV M2 7b Vo vd p0 Sg W7 d5 na mM gT 2W Bg 3n uj DD f1 af iD ml o6 yx T7 28 zG Yk bc l0 1w WY V1 fP fg B9 ZQ ch fH 3g Rm TE KR Wm 1Z pL is Nx Kd Rz PF ih YI rX 8a Ru 3Z Nl T4 B2 k8 Xj bs yk Qt vj JC mO km Gi WF up qd PV WR cp NG Qs tz 72 BE nI Xm gG c3 Z1 Cs h4 NI Jo mc Ny zX 1O wZ dg 6l u1 hu Js SR Gr rd 58 V9 Ab Q9 QF YS pO Z8 ZG 4R Gy Ds mQ cY TJ fC tY oG iQ 5r u5 Ps cV kn Vj Hq 3p 1B JN fZ K8 jX Bz t2 VV SG pY jX Cb A2 nV yF IH 14 tU 0c it oV zq Aj F0 v4 pP Jz YO xl dd fj PQ yo Wx Yq 7W 9o 09 J2 hT uy qZ PD Xn VE yV zC qv f5 dY Mv xk 4J 2y a1 zV 0s ZA oz cY N5 ro Kz HO lO n8 Ib CN NJ 8K 4h 6D bQ ra jS I1 pw 2Q YY Zf f5 bp 6z Tq aP jG th 1A ue Sl nv Jb y5 sx AQ N8 g6 uo te 4s 1r b8 rH MR XD Oh Wk Xv rm WH OY cD cf RW XE 2i AE z1 5w G2 gR QQ gP tN Ne kv 6e 00 s6 5t Xv U9 ML Kq 8W Qw 9s p0 o6 EI au SS Kk 0W OZ IX BK VU SW T3 t5 nU 9e iA Z5 ZP 4l Q7 2g XM jB eS Q1 al j8 CI 6l Mv yO rc U8 QH n5 ko RQ 34 it z7 To iE ze Ro fA n4 HH fR 6A 7q ra bi 1A uq qw 78 rR np F7 Q7 2T jF 5p zo PC tv PR Xg YE YR do Gm H1 qy yY nZ wR Jj Yz Lf fh 3C Ep nA hM a8 af e7 4R gx hc iY Nt q1 bh vq 54 Bv re DX ho lY oO L2 M6 vt O7 6x iK Mh Uz aN U1 WB

প্রচ্ছদ

সর্বশেষ খবর :

বিশ্বের ইতিহাসে সবচেয়ে বড় ডিজিটাল চুরির তদন্ত প্রায় শেষ করেছে সিআইডি

সমকাল: বাংলাদেশ ব্যাংকের রিজার্ভ থেকে অর্থ চুরির ঘটনায় ২০১৬ সালের ১৫ মার্চ মতিঝিল থানায় মামলা করে বাংলাদেশ ব্যাংক। মামলার তদন্ত করছে পুলিশের অপরাধ তদন্ত বিভাগ-সিআইডি। পাঁচ বছর পার হলেও কতদূর এগিয়েছে বিশ্বের ইতিহাসে সবচেয়ে বড় ডিজিটাল চুরির তদন্ত? জড়িতদের ব্যাপারে সর্বশেষ কী তথ্য তদন্ত সংস্থার হাতে রয়েছে? চুরি হওয়া অর্থ ফেরত আসবে কবে? এ ঘটনায় দেশি-বিদেশি কারা জড়িত?

এমন প্রশ্নের উত্তর খুঁজতে গিয়ে জানা গেল- এ মামলায় তদন্ত প্রায় শেষ করেছে সিআইডি। তারা বলছে, ৯৫ ভাগ কাজ শেষ। তবে কৌশলগত কারণে চার্জশিট দাখিলে বিলম্ব হচ্ছে। তদন্ত গুছিয়ে নিলেও আগামী ছয় মাসের মধ্যে চার্জশিট হচ্ছে না- এমন আভাসও পাওয়া গেছে। যদিও বিশ্বব্যাপী চাঞ্চল্য তৈরি করা এ ঘটনায় দেশি-বিদেশি কারা সম্পৃক্ত এমন তথ্য-প্রমাণ সিআইডির কাছে রয়েছে। এ মামলায় অন্তত ৩০ জন আসামি হচ্ছেন। তাদের মধ্যে বাংলাদেশ ব্যাংকের কর্মকর্তা রয়েছেন ৭ থেকে ১০ জন।

বাংলাদেশ ব্যাংকের সার্ভার হ্যাকিং থেকে শুরু করে অর্থ সরিয়ে নেওয়ার পুরো প্রক্রিয়ায় পাঁচটি নতুন চমকপ্রদ তথ্য পাওয়া গেছে, যা হলিউডের কোনো সিনেমার কাহিনির সঙ্গে তুলনা করা যেতে পারে। রিজার্ভ চুরির ঘটনা নিয়ে বিবিসির একটি অনুসন্ধানী প্রতিবেদন প্রকাশের পর আবার নতুনভাবে বিষয়টি সামনে এসেছে।

টার্গেট ছিল ১৯০ কোটি ডলার :সিআইডির তদন্তে একটি বিষয় স্পষ্ট হয়েছে এবং তা হলো, হ্যাকাররা বাংলাদেশ ব্যাংকের রিজার্ভ থেকে মোট ১৯০ কোটি ডলার সরানোর চেষ্টা করে। সব মিলিয়ে ৭০টি পেমেন্ট অর্ডারের মাধ্যমে এই অর্থ হাতিয়ে নেওয়ার ছক ছিল। তবে পাঁচটি অর্ডারের মাধ্যমে ১০ কোটি ১০ লাখ ডলার সরিয়ে নিতে সক্ষম হয় তারা। বাকি ৬৫টি পেমেন্ট অর্ডারের মাধ্যমে অর্থ সরাতে হ্যাকাররা ব্যর্থ হয়। সিআইডি জানতে পেরেছে, ৩৫টি অর্ডারে বেশ কিছু বানান ভুল ছিল। আর এটা হয়েছে হ্যাকার গ্রুপের অজ্ঞতার কারণে। কারণ উত্তর কোরিয়া, চীন ও ফিলিপাইনে প্রচলিত ইংরেজি বেশ কিছু শব্দের বানানের সঙ্গে অন্যান্য দেশের বানান রীতির পার্থক্য রয়েছে। অর্ডারে এমন ভুল বানান দেখে নিউইয়র্কের ফেডারেল রিজার্ভ ব্যাংক (নিউইয়র্ক ফেড) তা আমলে নেয়নি। মূলত ভাষাগত ত্রুটির কারণে আরও বড় দুর্ঘটনা থেকে রক্ষা পায় বাংলাদেশ।

ফিলিপাইনের ম্যানিলায় জুপিটার স্ট্রিটে রিজাল কমার্শিয়াল ব্যাংকিং করপোরেশন (আরসিবিসি) ব্যাংকের শাখায় চুরির অর্থ স্থানান্তরিত হয়। জুপিটার নামে ইরানের একটি নিষিদ্ধ ঘোষিত জাহাজ রয়েছে। নিষিদ্ধ নাম ব্যবহার করার কারণে নিউইয়র্ক ফেডের কাছে একটি সতর্ক সংকেত গেলেও ওই কারণে লেনদেনের একটি বড় অংশ ব্লক করা হয়েছিল, তা বলছে না বাংলাদেশের তদন্ত সংস্থা। হ্যাকারদের পক্ষ থেকে আরও ৩০টি পেমেন্ট অর্ডারে তারিখ দেওয়া ছিল ২০১৬ সালের ৬ ফেব্রুয়ারি। ওই দিন বাংলাদেশে ছিল শনিবার। অতীতে সাধারণত বাংলাদেশ ব্যাংক থেকে কখনও এক দিনে তিন থেকে পাঁচটি পেমেন্ট অর্ডার ফেডারেল রিজার্ভ ব্যাংকে পাঠানো হতো না। তাই এক দিনে একসঙ্গে ৩০টি পেমেন্ট অর্ডার দেখে ফেড কর্তৃপক্ষের সন্দেহ হয়। তাই ওই অর্ডারগুলো তারা ব্লক করে দেয়। ২০১৬ সালের ৬ ফেব্রুয়ারি সকালেই বাংলাদেশ ব্যাংক কর্তৃপক্ষ টের পায় তাদের সিস্টেম হ্যাকিংয়ের শিকার হয়েছে। তারা ফেডারেল রিজার্ভ ব্যাংকের সঙ্গে যোগাযোগ করে বিষয়টি নিশ্চিত করে। এরপর ৩০টি অর্ডারে কোনো অর্থ স্থানান্তর করেনি ফেড। তবে দু’পক্ষ নিশ্চিত হওয়ার আগেই ২০১৬ সালের ৫ ফেব্রুয়ারি পাঁচটি অর্ডারে ১০ কোটি ১০ লাখ ডলার আরসিবিসি ব্যাংকে স্থানান্তর হয়ে যায়। যেখানে পরিকল্পিতভাবে আগে থেকে হ্যাকিং চক্র হিসাব খুলে রেখেছিল।

সিআইডির তদন্ত কর্মকর্তারা বলছেন, দুটি কারণে পাঁচটি পেমেন্ট অর্ডার অনুসারে তাৎক্ষণিক অর্থ স্থানান্তর করে ফেড। প্রথমত, পেমেন্ট অর্ডারে থাকা নির্দিষ্ট তারিখের এক দিন পরও অর্থ স্থানান্তর করলে ১০ থেকে ১০০ শতাংশ ক্ষতিপূরণ আদায় করার আইন রয়েছে। পাঁচটি অর্ডার ছিল নির্ভুল, আর ওই দিনই তা কার্যকর না করে ক্ষতিপূরণ দেওয়ার ঝুঁকি নিতে চাননি ফেডের কর্মকর্তারা। তবে তদন্ত কর্মকর্তারা এমন একটি তথ্য সামনে এনেছেন, যা অনুসরণ করলে ওই পাঁচটি পেমেন্ট অর্ডারও ব্লক করার একটি যুক্তিসংগত কারণ সামনে এনে এর সত্যতা যাচাই করা যেত। সিআইডি বলছে, বাংলাদেশ ব্যাংক থেকে পেমেন্ট অর্ডার ফেডের কাছে কখনও সন্ধ্যা ৭টার পর পাঠানো হতো না। কিন্তু ঘটনার দিন হ্যাকাররা সব পেমেন্ট অর্ডার পাঠিয়েছিল রাত সাড়ে ৮টা থেকে ভোর ৩টা ৫৯ মিনিট পর্যন্ত। হঠাৎ করে কেন পৃথক সময়ে এত অর্ডার গেল- কৌতূহলবশত হলেও যাচাই করলে অন্য উদ্দেশ্য ছিল কিনা উদ্ঘাটন করার পথ তৈরি হতো।

প্রকল্পগুলোর তথ্য ছিল সঠিক :তদন্ত সংশ্নিষ্ট সূত্র জানায়, হ্যাকার গ্রুপ ভেড়ামারা বিদ্যুৎ প্রকল্প, কাঁচপুর সেতুসহ বেশ কিছু বড় প্রকল্পকে টার্গেট করে। এসব প্রকল্পের বিপরীতে বিদেশি প্রাপকের অর্থ ফেডারেল রিজার্ভ ব্যাংকের মাধ্যমে পরিশোধ করা হতো। প্রকল্পে সঠিক তথ্য হ্যাকারদের কাছে থাকলেও ভুয়া ব্যক্তিকে এর প্রাপক দেখিয়ে অর্থ অন্যত্র সরানোর ছক ছিল তাদের। তদন্ত কর্মকর্তারা এও বলছেন, হ্যাকিংয়ের সঙ্গে এমন কেউ জড়িত রয়েছে যার সুইফট সিস্টেমে কাজ করার অভিজ্ঞতা থাকতে পারে।

যে কারণে চার্জশিটে বিলম্ব :একাধিক দায়িত্বশীল সূত্র বলছে, সিআইডি এ মামলার তদন্ত করতে গিয়ে বাংলাদেশ ব্যাংকের বিভিন্ন পর্যায়ে ৫১ কর্মকর্তা-কর্মচারীর বক্তব্য নিয়েছে। এ ছাড়া আরসিবিসির জুপিটার শাখার তৎকালীন মায়া সান্তোস দেগুইতো সিআইডিকে আনুষ্ঠানিকভাবে লিখিত জবানবন্দি দেন। তদন্ত শেষ হওয়ার পর সবকিছু পর্যালোচনা করতে সম্প্রতি স্বরাষ্ট্র, অর্থ ও আইন মন্ত্রণালয়ের কর্মকর্তাদের নিয়ে আন্তঃমন্ত্রণালয় বৈঠক অনুষ্ঠিত হয়। রিজার্ভ থেকে অর্থ চুরির ঘটনার তিন বছর পর ২০১৯ সালের ১ ফেব্রুয়ারি আরসিবিসির বিরুদ্ধে যুক্তরাষ্ট্রের ফেডারেল আদালতে মামলা করে বাংলাদেশ। ওই মামলায় আরসিবিসি ও ফিলিপাইনের অভিযুক্ত ক্যাসিনোসহ মোট ১৭ ব্যক্তি ও প্রতিষ্ঠান এবং তিন চীনা নাগরিককে দায়ী করা হয়। তবে বাংলাদেশ যুক্তরাষ্ট্রের আদালতে মামলা করার পরই মামলার বিষয়বস্তু সংশ্নিষ্ট আদালতের এখতিয়ারবহির্ভূত উল্লেখ করে পাল্টা মামলা করে আরসিবিসিসহ অন্যরা। সেইসঙ্গে বাংলাদেশ ব্যাংকের মামলাটি খারিজের আবেদন জানায় তারা। আরসিবিসির করা আবেদন খারিজ করে বাংলাদেশের পক্ষে রায় দেন যুক্তরাষ্ট্রের আদালত। নিউইয়র্কের স্টেট আদালতে মামলাটির কার্যক্রম পরিচালনার নির্দেশ দেওয়া হয়। বাংলাদেশ ব্যাংক তার অর্থ ফেরত পাওয়ার ব্যাপারে যুক্তরাষ্ট্রের আদালতে মামলার নিষ্পত্তি হওয়ার আগ পর্যন্ত সিআইডি তদন্ত শেষ করলেও চার্জশিট দাখিল করা হবে না। কেননা আগে বাংলাদেশ চার্জশিট দাখিল করলে আরসিবিসিসহ অভিযুক্তরা অন্যরা আইনি ফাঁকফোকড় খুঁজে পার পাওয়ার সুযোগ নিতে পারে।
আসামি হচ্ছেন যারা :তদন্ত সূত্র বলছে, এখন পর্যন্ত অর্থ চুরির ঘটনায় উত্তর কোরিয়া, চীন, জাপান, ফিলিপাইন ও শ্রীলঙ্কার চক্র জড়িত। আর বাংলাদেশ চুরি করে নেওয়া ১০ কোটি ১০ লাখ ডলারের মধ্যে তিন কোটি ৪০ লাখ ডলার ফেরত আনতে সক্ষম হয়েছে। বাকি অর্থ চীন ও উত্তর কোরিয়ার একটি চক্রের হাতে রয়েছে বলে ধারণা করা হচ্ছে। রিজার্ভ থেকে অর্থ চুরির ঘটনায় বিভিন্ন পর্যায়ে জড়িত যারা আসামির তালিকায় থাকতে পারেন তারা হলেন- জাপানের সাসাকিম তাকাশি, জয়দেবা, আরসিবিসির মায়া সান্তোস দেগুইতো, এনজেলা তেরেস, মাইকেল ফ্রান্সিসকো ক্রুজ, জেসি ক্রিস্টোফার লাগোরাস, আলফ্রেড ভারগারা, এনরিকো তায়েদ্রো ভাসকুয়েজ, কিম ওং, স্লুইড বাতিস্তা, ফিলিপাইনের ব্যবসায়ী উইলিয়াস গো সো, শ্রীলঙ্কার এনজিও শালিকা ফাউন্ডেশনের গামাজ শালিকা পেরেরা, সানজেবা টিসা বান্দরা, শিরানি ধাম্মিকা ফার্নান্দো, ডন প্রসাদ রোহিতা, নিশান্থা নালাকা, ওয়ালাকুরুয়ারাচ্চি প্রমুখ।

সিআইডির তদন্তে উঠে এসেছে, বাংলাদেশ ব্যাংক কর্তৃপক্ষ ২০১৫ সালে প্রথমবারের মতো নভেম্বরে সুইফট পদ্ধতির সঙ্গে রিয়েল টাইম গ্রস সেটেলমেন্ট সিস্টেম (আরটিজিএস) সংযুক্ত করে। বিশ্বব্যাপী ব্যাংকগুলো নিজেদের মধ্যে লেনদেন করতে সুইফট ব্যবহার করে। বিশেষ ধরনের বার্তা প্রেরণের মাধ্যমে এই লেনদেন করা হয়। মূলত সুইফটের সঙ্গে আরটিজিএস সংযোগের পরই লেনদেন ব্যবস্থা ব্যবস্থা দুর্বল হয়। পরিকল্পিতভাবে সুইফটের সঙ্গে আরটিজিএস যুক্ত করে হ্যাকারদের পথ প্রশস্ত করা হয়েছে কিনা, তা স্পষ্ট করতে পারেননি তদন্ত সংশ্নিষ্টরা। তবে ‘ক্রিমিনাল ইনটেনশন’ না থাকলেও এটা যে বড় ‘গাফিলতি’ ছিল এমন অভিমত তাদের। এই যুক্তিতে বাংলাদেশ ব্যাংকের কর্মকর্তারা আসামি হবেন। তদন্ত কর্মকর্তারা বলছেন, ২০১৬ সালে ৫ ফেব্রুয়ারি সুইফটের কাছে জরুরি সহায়তা চায় বাংলাদেশ ব্যাংক। এরপর তাদের পরামর্শে সুইফট সার্ভার থেকে স্থানীয় নেটওয়ার্ক বিচ্ছিন্ন করলে তাদের প্রিন্টার সচল হয়। আর ২০১৬ সালের ৫ ও ৬ ফেব্রয়ারি (শুক্র ও শনিবার) ছিল বাংলাদেশে সাপ্তাহিক ছুটি। ৬ ও ৭ ফেব্রুয়ারি নিউইয়র্কে সাপ্তাহিক ছুটি এবং ৬, ৭ ও ৮ ফেব্রুয়ারি ফিলিপাইনের সাপ্তাহিক ও চীনা নববর্ষের ছুটি। দীর্ঘ এই ছুটির সুযোগ কাজে লাগায় হ্যাকাররা।

এক্সক্লুসিভ রিলেটেড নিউজ

সর্বশেষ

সর্বাধিক পঠিত