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প্রচ্ছদ

সর্বশেষ খবর :

[১] কোরবানি দিতে গিয়ে শতাধিক আহত, অধিকাংশই ‘মৌসুমি কসাই’

সুজন কৈরী : [২] ঈদুল আযহায় রাজধানীতে বেড়ে যায় ‘মৌসুমী কসাই’ এর সংখ্যা। ভিন্ন পেশার হয়েও তারা একদিনের জন্য হয়ে যান কসাই। ঢাকার বাইরে থেকেও অনেকে এসেছেন রাজধানীতে কসাই হিসেবে কাজ করতে।

[৩] ঈদের দিন এ সকল কসাই পশু কোরবানী দিতে গিয়ে আহত হয়েছেন। তবে এমন আহত হওয়ার ঘটনা নতুন নয়। প্রায় প্রতি কোরবানীর ঈদেই এমন ঘটনা ঘটে। তবে এবার যেন একটু বেশি বলে মনে করেন ঢাকা মেডিকেল কলেজ (ঢামেক) হাসপাতালের জরুরি বিভাগের চিকিৎসকরা। ঈদের দিন বুধবার বিকেল পর্যন্ত পশু কোরবানি দিতে গিয়ে অসাবধানতাবশত রাজধানীতে শতাধিক ব্যক্তি আহত হয়েছেন। তাদের মধ্যে অধিকাংশই ঢামেক হাসপাতাল থেকে প্রাথমিক চিকিৎসা নিয়েছেন।

[৪] আহতদের মধ্যে কারও আঙুলের কিছু অংশ কেটেছে, কারও পায়ের, আবার কারও কারও আঙুল কেটে পড়ে গেছে। আবার গরুর শিংয়ের গুতায় আহত হয়েও কেউ কেউ এসেছেন চিকিৎসা নিতে। হাসপাতালের জরুরি বিভাগে তাই অন্য রোগীর তুলনায় এই কাটা ছেড়া রোগীর ভিড় বেশি।

[৫] আহত অবস্থায় হাসপাতালে আসা আহসান হাবিব নামের একজন মৌসুমি কসাই বলেন, বুধবার দুপুরে রাজধানীর মতিঝিল এলাকার একটি বাড়িতে কোরবানির পশু জবাইয়ের পর তিনি মাংস কাটাকাটি করছিলেন। এ সময় দায়ের কোপে তার পায়ের এক আঙুল কেটে পড়ে যায়। এরপর দ্রুত তিনি ঢামেকের জরুরি বিভাগে আসেন চিকিৎসা নিতে।

[৬] ঢামেকের জরুরি বিভাগে গিয়ে দেখা যায়, সেখানে রোগীদের ভিড়। কোরবানি দিতে গিয়ে আহত হওয়া শতাধিক রোগী প্রাথমিক চিকিৎসা নিতে গিয়েছেন। আহতদের কাউকে কাউকে আবার নেওয়া হয় অস্ত্রোপচারের কক্ষে। তবে বিকেল পর্যন্ত গুরুতর আহত কেউ হাসপাতালে আসেনি বলে জানিয়েছেন চিকিৎসকরা।

[৭] হাসপাতাল সূত্র জানিয়েছে, ঈদুল আজহার দিন বুধবারের সকাল থেকে বিকেল ৩টা পর্যন্ত ঢামেকের জরুরি বিভাগে ১০৩ জন মৌসুমি কসাই আহত হয়ে চিকিৎসা নিয়েছেন। চিকিৎসকের মতে, জরুরি বিভাগে সকাল থেকে আসা মোটামুটি ৯৫ ভাগ রোগীই মৌসুমি কসাই।

[৮] হাসপাতালের জরুরি বিভাগের চিকিৎসক ড. রাজীব কর্মকার বলেন, সকাল থেকে বিকেল ৩টা পর্যন্ত মোট ১০৩ জন মৌসুমি কসাই জরুরি বিভাগে টিকেট কেটে চিকিৎসা নিয়েছেন। তারা কোরবানির পশু কাটাকাটি করতে গিয়ে আহত হয়েছেন। তবে এই সংখ্যা কাগজে-কলমে ১০৩ হলেও আসলে তা আরও বেশি। অনেকেই ভর্তি না হয়ে তাৎক্ষণিকভাবে চিকিৎসকের পরামর্শ নিয়ে চলে গেছেন।

[৯] রাজীব কর্মকার আরও বলেন, ১০৩ জনের মধ্যে কেউ কেউ গুরুতর আহত হয়েছেন। যাদের রক্তনালী পুরোপুরি কেটে গেছে। তাদের জাতীয় হৃদরোগ ইনস্টিটিউটে পাঠানো হয়েছে। যদিও এ সংখ্যা খুবই কম। মাত্র কয়েকজনকে সেখানে পাঠানো হয়েছে। তবে অন্যদিনের মতো আজ সড়ক দুর্ঘটনায় আহত হওয়া রোগীর সংখ্যা খুবই কম।

[১০] চিকিৎসকের মতে, মৌসুমি কসাইরা পশু কাটাকাটিতে দক্ষ হয় না। ফলে তারা যথাযথভাবে কাজটি করতে পারেন না। অসাবধানতাবশত দা-বটিতে হাত-পা কেটে আহত হয়ে তারা হাসপাতালে আসেন। প্রতি বছরই কোরবানির ঈদের দিনে ঢামেকে এ ধরনের রোগী এসে থাকে।

[১১] ঢামেক হাসপাতালের পরিচালক ব্রিগেডিয়ার জেনারেল নাজমুল হক বলেন, প্রতিবছরই কোরবানি দিতে গিয়ে আহত হয়ে অসংখ্য লোক ঢামেকে আসেন। এবারও আসছে। তবে তাদের কারও অবস্থাই গুরুতর নয়। বিষয়টি পুরোপুরি অসাবধানতা বলা যায়।

[১২] এদিকে পশু কোরবানী দিতে গিয়ে আহত হয়ে প্রায় শতাধিক মোসুমি কসাই রাজধানীর শেরেবাংলা নগরে অবস্থিত জাতীয় অর্থোপেডিক হাসপাতাল পুনর্বাসন প্রতিষ্ঠানে চিকিৎসা নিচ্ছেন। তাদের মধ্যে কারও হাতের কবজির রগ কেটে গেছে, আবার কারও মাংস কাটতে গিয়ে হাতের আঙুল কেটে গেছে। ছুরি ফসকে অনেকের আবার পাও কেটে গেছে।

[১৩] সোহেল মাহমুদ নামের একজন আহত তরুণ জানান, রাজধানীর মহাখালী এলাকায় কোরবানির গরু জবাই করার সময় হুজুরকে সহায়তা করতে গিয়ে হাত ফসকে রগ কেটে গেছে তার। পরে ওই তরুণ পঙ্গু হাসপাতালের অপারেশন থিয়েটারে আসেন। দ্রুত অপারেশন করতে হবে, তা না হলে তার হাত কবজি থেকে কেটে ফেলতে হবে বলে তাকে জানিয়েছেন চিকিৎসকরা।

[১৪] সোহেল বলেন, গরু ধরতে গিয়েছিলাম। গরু হঠাৎ মাথা নাড়া দিয়ে ওঠে। এ সময় হুজুর গরুর গলা কাটার বদলে আমার হাতে ছুরি চালিয়ে দিয়েছেন। এতে আমার হাতের রগ কেটে গেছে। এখন অপারেশন করতে হবে।

[১৫] খিলগাঁও এলাকা থেকে নিটোরে চিকিৎসার জন্য যাওয়া বশির আহমেদ নামের আরেকজন বলেন, প্রতিবছর নিজের কোরবানির গরু নিজেই প্রস্তুত করি। কখনও সমস্যা হয়নি। এবার মাংস কাটতে গিয়ে অসাবধানতাবশত নিজের হাতে কোপ মেরেছি। এরপর প্রথমে ঢামেক হাসপাতালে গিয়েছিলাম। হাতের রগ কেটে যাওয়ায় সেখান থেকে নিটোরে পাঠানো হয়েছে। এখানে আসার পর চিকিৎসক অপারেশন করার পরামর্শ দিয়েছেন।

[১৬] মোহাম্মদপুর বসিলা এলাকা থেকে নিটোরে যাওয়া সাইমম সুমন বলেন, গরু ধরতে গিয়ে হুজুর অসাবধানতাবশত তার হাতে ছুরি চালিয়ে দিয়েছেন। বলে তিনটা আঙুল জখম হয়েছে। ঘটনাস্থলে একটা আঙুল পড়ে গেছে। বাকি দুটির ৮০ ভাগ কেটে গেছে। সুমনের বড় ভাই কবির আহমেদ বলেন, জবাই করার সময় গরু জোরে ঝাঁকি মারে। এ সময় হুজুর সামাল দিতে পারেননি। মাদ্রাসার বাচ্চা পোলাপান হাতের ওপরে ছুরি চালিয়ে দিয়েছেন।

[১৭] নিটোরে অপারেশন থিয়েটারে কর্তব্যরত নিটোরের রেসিডেন্ট ডা. তপন দেবনাথ বলেন, ঈদের দিন সকাল থেকে অসংখ্য রোগীর অপারেশন করতে হচ্ছে। অধিকাংশই মৌসুমি কসাই। ছুরি ফসকে অধিকাংশের হাতের রগ কেটে গেছে। অনেকের হাতের আঙুল কেটে ফেলতে হচ্ছে। অনেকে রোগীকে আমরা ভর্তি করে নিচ্ছি কারণ রগ কাটলে দীর্ঘমেয়াদি চিকিৎসা নিতে হয়। সম্পাদনা : ভিকটর রোজারিও

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