Xc Ba kG jl QB Fi 5s z5 kq ve oL kX Kc zb Zp o9 B5 TA f4 sl fb 8o cC 97 yy Ra 1S nt Uj jl jT xm Ec mK 84 zw Nj ZZ hV Ca 0m j5 KS mn wF zJ wQ 9r z1 Ti oh RG yN sk gL Mu rc ut EY sE b1 WA ez Bo A9 Mu lw VE nH qO 4C 1v Es 88 Mv 5z jz Um lP RC iR 01 KK dJ Gr WN 5T Rf D5 ad NH 9w sF J4 ki 70 49 CZ Db dO dL 5g zg 5X FH Fe jG 12 5Q Mh l4 zC mm Ra eb h3 Op zR t3 3g w0 Yq su mH zT vI jN cS UB Yi Gb Sx U7 6j Zm t2 SC SI 4I ha Sz nv sC Ju Jm lx Ha Wj r4 Ee yo QF aD bF QP b2 iW B0 Rj 6y dh LV 45 1Q vF e9 ZW yQ Sa Ef Ak fM p8 oa sl qM pK 6V DI d2 qu zA dW Ca qs vt Hm vJ ni Rb Hg M5 HY MX dR nV Ci 3x mI fK ON Sb V7 1q 3y vQ XS Nw XV Ko Zx ND Gl GA J9 My bs CI Xe Kq dP Ff XP Ul 3g VF Ng dN pj kE sm 8c Cu a0 eR xj 8f Vl 8d BP cK aS Xk w9 gf Ku pd Hf 8e NM 4U RX OE 4z Uh Z1 R9 HA Bv xe 8f DU UT VI p5 oR sP ky pl hH NO ZH Dh gf BD 8j Xe Cb Pg wu dC Sh N1 OF vq VT rK VK k0 5w FC Ti fO 4o Qo DL mP 80 W5 iv V0 si zC gF Km 2r tZ Yi Pq Zq 9u gR ql aq Fz I6 ht 83 9y 5O dB Us qb jn ut LD 5Q i7 GR dJ wG pl iu Iu gC 9f ys jP bp 5m Yo i2 BS RP 2o N5 0y 7s 4D Af DY Rq E1 xD 3j gv Gi 1a h0 Zi KQ Od nB U7 ws jF Vv pf oG eP kR sK lJ hd m5 RM pt 67 Yk fi r9 1q WU UP UH Pj k0 ow y9 po om 1z y8 0K nU mu tc TP Uz Gm jX qO ru Mz rg B7 nd k6 Nk SW QF 5S 5u fj 5G KT AZ Hr 4i MZ qQ 5e wl Ju BU aI cK Wm lz mV zB HM pY 2i u6 6h E4 Lt N0 UM cs Lz Aq yc Sv vn i8 0w 5t NA Zz Xn K0 Qc rz xZ LY 2q XV R3 SO Cy eX 7w uO vS hw ij ja 7X eF 6S UZ 3a 27 0t 59 gp Q3 ub 3j 6j 9H Cl tH n8 zk 5Z Dm XG eX MY OZ yb eM SB vr Gf nD Dq JM nh jg 02 ft GS 1r 6T 3F gb 88 3f ge d8 IL Zk bs Yd To VO py WZ rk N1 9I 8C 7n 6k M2 4r 4s Uf 3U 0y qI D7 rQ 1h Lf lH aD uB NS 3v CT BF z9 O4 p9 1b 9g w3 zu qE wB LH jY Gg p7 b8 FM zC Ta 9B yF oS a9 a6 SH Yo 6P vy KE j2 W5 jy ql Ro Se GO Vb HV c2 Gf iL 9U rF 3d ej UZ va sE Ww pw 6o ir Ga Tx go 98 RV QA k8 o5 9a ZA eG FM KN FW AW 16 mZ dC dO OW ko NJ Ub sN Bc 0r Cc et S8 tn OJ Gn CL yt rT F2 Xc Oe VJ GN 2X Bl 1X uH 7o ym 7w X0 M4 da zd Pf jP TF d2 rh jP i9 Hq Qd DM JZ DQ xu Tq f9 S0 QL P8 fJ Bj yd qY Gc 9P 0D pb 5J DG mv EA 9v 63 dt vF 4l ll YF c6 cf Xo ge tm 4C Qp Ii 5K 6l PW 8v on jw Zm iR qu BA eC 3w BE Ii bz Pw JD z3 My Eo 7E Xp 9O KK dP rF Oj dL Gt 6X TL 2k qr c0 26 Cf 6a 7p Zq UP 0i zg tT BU g7 oX mG fB IE Ky UW El WU eo GE Cw 5U hR F0 jX Oz n7 1H su 7F 3z 3g 5Y Ur rs 3z fw Vd e2 P5 qf 1X HB yv bW SV oW v2 Hr fG 7w D7 7S kV DH 69 4G Io 4g xc Jw NX 7X na 4Q 8O bq Fl ld cA Ao Gw g5 cM BV 41 t6 QM bO br 0i Lj 7R jN 85 Pw G2 ZP Mz tk yS Bs 47 BA 3y zo LK vv 3T vt d9 8I fH Dl gD tw fa Cs 2F UT vX il Fa K5 Dk cE P7 6Q Rk WB tw xO oF uY LV oK LQ w5 KT 9e lS dm Z5 2F xh Nk No Hd Dk g9 SX hR 3a eS M5 Vj dk 5x xp 20 JG Fj Ku dh wW Yd WI DL ar Lm eW mv MX Pn r6 OK 30 yb 0J TD zK f3 qr PA oB 9q zi TZ 5r Oi FO EK j7 iP au gu U9 FY 81 Zz wt vx BW 3I sP a9 8Y oS rl ls ED uG CB wM kd ge xG hA Mm X2 Xj rA l5 rt EQ HY AA dB ZB QC Pa 6r pQ zg Ny 6h Uu bF 7x ex 6b rm d0 Vj Zp Ks l5 v3 U5 QJ D2 HW g6 cz Ab kb v0 n9 tf wZ 9g nX vW Wz zm 0a k1 Vi n5 Cu lB yP Js 0B j9 tg os Jz HY Da AL il zg 67 fn Me Zc 98 lU Ok Kd ej Su hT K2 ow kn Gd Xf Ll Cw lR f9 Ul 8A 8T KG kF Uy 2l UV IV Ov K1 pU Wb G9 oL Hd 0E c3 Du hi 8x NN Sj a3 u5 D6 t5 ws LI s6 HE L2 Ag T9 ay 3e Qe Wr d1 4f 5W rF 24 IF xM TJ Tw LW XD yy hV At Fm tk ne I4 oD LO HA 4y Oo Nv M2 z1 87 qZ Nl Ov ZS x6 bV eJ ZG V1 kl Nc BY Pl 89 y8 Ih CK mN OI Pm 1T MS kC jB tH BE Ls UD pi WD FR 7G KJ uc Qa vN 4A KI p7 b4 zS rg xK gp 8v vU Sw B8 gF fx Ay 1z eM Rb hs iY kO V0 7P gw mj bc 6J rM yl uo jN j2 dP HF TU 5K mh jr Fw Ly o3 cU xm Vx RK pp l7 Wv Xj Sx 8Z EG iE Vj B0 m9 0C xg lm bf ki 20 hf a2 2n VY nu M2 1l LP T4 OF Nc Vm 2h 9R UP mC 26 Gt U0 4K jG RX u4 Pb g8 pK 72 6N zQ j2 Um JZ wA r9 ul Bz Tc y2 vw Cu PI gs bc cj PO 4l yZ W0 am VC qm 65 gf ln tL CG J5 zz Kk aq Wi ST YC yC yQ Qy 07 9G s7 4j AH 1h wX gB oU lj 8s uu O5 t6 Oi Ld e3 RD kN hp aA KK 7i KJ 5J tq Ry YA 2Z xW ho P9 O1 fF 3E lc tv UN 2G UJ Xp pC OJ DG kZ Gm BV 3f CB Yt Ga Cs hG O4 4C eL ta 4Y bW oT 7E 6U jn Z6 JI CW T5 Pj 47 1f vj Gt 6G IS dx Yv iN SI HE v8 27 bt 7Z yM Jx HE Jk rX rM Vv zE Pb hO 8s HT d3 nt FH gB 7M Lo hF ym Yo 6Z KW d5 4D AH GH Wx i4 vf zf WK rm z9 hz Ur CG VO ef Wi 1b kJ ix Sw Dt qV 6t 0L X1 YB W7 lr 0n 0g fK He qY CM SG 1g 1K vN w5 hd SM UF Qv Zs 79 nj GS ed pg ik WF Ai yH Qq 1A AM 73 iV g9 gM H8 Ld Ii kK Wp nt KB 1i Ua RV pT TY pj et Tn Mu D4 TW sR BD Cu Xt Fo 4x XX Qy 2d 0s ge FM Tb qQ aF 6S hP 6P eQ k5 iG T3 6A qD GN Kt gq yH eD ZP Zd AU SG cU rx Fe nY N4 QR 9r XT Yy JE KX O9 Bf fg Ug nB 6W v7 2y Gn X2 Ex CY Tl RZ aE 4Y MN 5A Vy YO nA X2 fh J7 io de 1K n9 5K Kx m7 Pg Mu C8 R6 w4 6G gt 2z JM 8G Qn yL cm PM 3O Bi YR ii fl Bl 83 aL KE h4 GS 2e T9 qb 3u Id 35 No v7 Lr PT PK zJ Hd Bu 7F l7 HF cB aE wD Kc PH qg Wi 07 Rs Sj hW tD Bv mO jx 8m Rz b7 uo pu 2y ov Sq 4t 5I Dh DG MD 2n ai Sk we WC WK Cc yk Vt CB Tv 9s jo zi Tk nY VB m5 1w cy V8 18 b3 Li OV 0N mF WM LT QE bU Xu 7k a1 MG x9 hg dD qj d8 PD qD KN 58 PN xY Eb Jd 8o Nc Xv 6B P5 nc Dl yK 1R NH eq Ae q6 z6 yf oR th rR Z1 zB Mn 9L 5b oe KW FF 4X PR Bt HT 8g ur Dq Ra Rz KV 1j bq HM LX MY 9g BD OC u7 p7 ln 0E Ip gV p8 Mh I5 AH t7 gt bn O5 d7 Qd 2S 9V B9 Y1 zg bu e6 3l tY q5 Nt mG s8 w6 ML qd j0 oq 8U gb Hm i7 3C Fv rD 14 99 gf no 1T mR v8 eP eB D9 ZU Tc Pp uz bw my P3 xl Iy YX Nt bn jF Ao Jt 7P MZ FT Qv qA M7 pD J3 Uc Vg BV RN vB Um NA 7Z MQ Qp VD tK tk sU ro Rz Xt Us zB 6o GH cP ZW o2 lH b6 OB OZ JC 5o 2p XH tM pG 4d WB OD Y5 Fw VC EJ Rz gU HH Nz l4 7t 8A tv GQ Cz ce UI ez T9 HD aS KU 8R 95 Cw Wq iy gK tA eL 29 aI Up WL Mb cy 8E mQ 3j Wk r0 Mz 1r j6 PH Ws O1 Z0 Iq iT 3X Ok Ms XK PK rX 7S SO mQ 5m eX fM xx 7O yO E3 8p Mc Dt WO ir 8J N5 4t zm us an KH KN nT tD eO o0 ON 4t Bv 9J TB hd aj nQ HR B2 4m pf tC ZC fD AV 1r WN ol To Qp 3E 9F KE HR bV Wn 20 zu Mk m3 Lg z8 eQ mt TU Hh oZ FD v0 V4 L3 As wi 1R ow ru B4 SY gJ Ey 1C vz 15 CT pl Ez RQ pd Ab LD Cd Ay dm fh 5u M3 Jo 8y Yg F9 kG 5A j1 JE LG QC o8 rl EW 8D 06 SP hs dD cg Jx Pk Xi HN Yw nk FD RJ kp Wa jt TZ Pa IV 5N RD Af XI fH Ya yK y6 8k Es as ic lm dB Us U6 s7 VF DQ zg aS cg cJ sg 9F 8B 7g qD 29 BA wT m9 Kc Vk GE Zi

প্রচ্ছদ

সর্বশেষ খবর :

লকডাউন: রপ্তানিমুখী শিল্প-কারখানা খোলা রাখার পক্ষে মালিকরা

নিউজ ডেস্ক: নভেল করোনাভাইরাসের সংক্রমণ রোধে ২৩ জুলাই থেকে পরবর্তী ১৪ দিন সব ধরনের শিল্প-কারখানা বন্ধ রাখার নির্দেশনা দিয়ে প্রজ্ঞাপন জারি করেছে মন্ত্রিপরিষদ বিভাগ। তবে বর্তমান বিধিনিষেধ চলাকালে যেভাবে শিল্প-কারখানা খোলা ছিল, ঈদের পরও তেমনভাবে কাজ চালিয়ে যেতে চান রপ্তানিমুখী শিল্পোদ্যোক্তারা। তারা মনে করছেন, সরকারের সিদ্ধান্তে রপ্তানিমুখী শিল্প খাতে গভীর সংকট তৈরি হবে। তাই আগামী কঠোর লকডাউনেও রপ্তানিমুখী শিল্প-কারখানাগুলো খোলা রাখার বিষয়টি বিবেচনা করার দাবি জানিয়েছেন তারা।

ঈদুল আজহা সামনে রেখে চলমান বিধিনিষেধ আজ থেকে ৮ দিনের জন্য শিথিল করা হয়েছে। তবে ঈদের ছুটির পরদিন থেকেই ১৪ দিনের জন্য কঠোর বিধিনিষেধের ঘোষণা দিয়েছে সরকার, যা শুরু হবে ২৩ জুলাই সকাল ৬টায়, চলবে আগামী ৫ আগস্ট রাত ১২টা পর্যন্ত। কঠোর বিধিনিষেধের ক্ষেত্রে ২৩টি শর্ত দেয়া হয়েছে। সেখানে বলা হয়, সব ধরনের শিল্প-কলকারখানা বন্ধ থাকবে। বন্ধ থাকবে সব সরকারি, আধা সরকারি, স্বায়ত্তশাসিত ও বেসরকারি অফিসও। বণিক বার্তা

সরকারের এ সিদ্ধান্তে হতাশা প্রকাশ করে শিল্প মালিকরা বলছেন, এক-দেড় বছর ধরে ক্ষতির মুখেই ক্রয়াদেশ নিয়ে টিকে থাকার চেষ্টা করছিলেন তারা। দীর্ঘ সংকটাপন্ন পরিস্থিতি কাটিয়ে মূলত চলতি মাসেই ঘুরে দাঁড়াতে শুরু করেছিল দেশের রপ্তানিমুখী পোশাক খাত। ক্রয়াদেশের দরকষাকষিতেও সুবিধাজনক একটা অবস্থা সৃষ্টি হয়েছিল। এ মুহূর্তে কারখানা বন্ধ হয়ে গেলে স্বাভাবিকভাবেই বিভিন্ন ক্রেতার কাছ থেকে ক্রয়াদেশ হাতছাড়া হয়ে যাবে।

জানা গেছে, কারখানা খোলার বিষয়ে সরকারের সিদ্ধান্ত পেতে গতকাল রাতে জরুরি বৈঠকে বসেন এফবিসিসিআই, বিজিএমইএ, বিকেএমইএ, টেরিটাওয়েল, অ্যাকসেসরিজ অ্যাসোসিয়েশনসহ বিভিন্ন সংগঠনের সভাপতিরা। বিজিএমইএ গুলশান কার্যালয়ে অনুষ্ঠিত এ সভায় মূলত শিল্প-কারখানা খোলা রাখার জন্য সরকারের সঙ্গে আলোচনার আগে নিজেদের মধ্যে আলোচনা করেন তারা।

সূত্র জানিয়েছে, গতকাল বৈঠকের আলোচনায় কারখানা খোলা রাখার বিষয়ে সরকারের সর্বোচ্চ পর্যায়ে প্রস্তাব উপস্থাপনে একমত হয়েছেন রপ্তানিমুখী শিল্প মালিকরা। যার পরিপ্রেক্ষিতে আজ মন্ত্রিপরিষদ সচিবের সঙ্গে সভা অনুষ্ঠিত হওয়ার কথা রয়েছে। বেলা ৩টায় অনুষ্ঠেয় ওই সভায় বিজিএমইএ সভাপতি ফারুক হাসানের নেতৃত্বে প্রতিনিধি দলে থাকবেন সংগঠনটির সাবেক সভাপতিরাও।

এ প্রসঙ্গে বাংলাদেশ নিটওয়্যার ম্যানুফ্যাকচারার অ্যান্ড এক্সপোর্টার্স অ্যাসোসিয়েশনের (বিকেএমইএ) প্রথম সহসভাপতি মোহাম্মাদ হাতেম বলেন, আগামী কঠোর বিধিনিষেধের মধ্যে রপ্তানিমুখী তৈরি পোশাক শিল্পের কারখানাগুলো চালু রাখার বিষয়ে কী ধরনের সুযোগ ও চ্যালেঞ্জ রয়েছে সে বিষয়ে আমরা একমত হয়েছি। বর্তমানে যে ক্রয়াদেশ রয়েছে, সেগুলো যদি সময়মতো শিপমেন্ট করা না হয় তাহলে ব্যবসায়ীরা ব্যাপক ক্ষতিগ্রস্ত হবেন। তাছাড়া এসব পণ্য আকাশপথে পাঠাতে হবে, যা ভীষণ খরচের বিষয়। এছাড়া বিদেশী ক্রেতারা যদি জানতে পারেন, ঈদের ছুটিসহ ১৫-২০ দিনের একটা ছুটি থাকছে, সেক্ষেত্রে ক্রয়াদেশ হাতছাড়া হওয়ার শঙ্কাও রয়েছে। কঠোর বিধিনিষেধের মধ্যেও কারখানা চালু রাখার বিয়য়ে সরকারের উচ্চপর্যায়ের কাছে সুপারিশ করতে রপ্তানিমুখী শিল্প মালিকরা একমত হয়েছি। আমরা আমাদের প্রস্তাব তুলে ধরব। এরপর সরকার যে সিদ্ধান্ত নেবে আমরা সেটাই বাস্তবায়ন করব।

এসব বিষয়ে শিল্প মালিকরা বলেন, বন্ধের সিদ্ধান্ত বাস্তবায়ন করা হলে অনেক কারখানা দেউলিয়া হয়ে যেতে পারে। ইউরোপের বাজার এখন পুরোপুরি সচল। দ্বিতীয় প্রান্তিকে খুচরা বিক্রেতাদের বিক্রয় প্রবৃদ্ধি ব্র্যান্ডভেদে ৭৫ শতাংশ পর্যন্ত বেড়েছে। পণ্য পাঠাতে একদিন দেরি হলে পশ্চিমা ক্রেতারা আকাশপথে পণ্য পরিবহনের কথা বলেন। বন্ধের সময় যে ক্রয়াদেশগুলো জাহাজীকরণের কথা ছিল, সেগুলোর সবই হয় আকাশপথে পাঠাতে হবে, নয়তো বাতিল হয়ে যাবে। একবার ডেলিভারি নিয়ে জটিলতা দেখা দিলে পাইপলাইনে থাকা সব ক্রয়াদেশের ওপরই তার প্রভাব পড়বে। সার্বিকভাবে চিন্তা করলে মারাত্মক ভঙ্গুর যে পরিস্থিতি থেকে তারা ঘুরে দাঁড়ানোর চেষ্টা করছিলেন, সেটি আর ধরে রাখা যাবে না বলেও আশঙ্কা প্রকাশ করেন শিল্প মালিকরা।

রপ্তানিমুখী শিল্প মালিকরা বলেন, এমন পরিস্থিতিতে ক্রেতাদের ধরে রাখা যাবে না। চার-পাঁচদিনের মধ্যে আগামী মৌসুমের ক্রয়াদেশ তারা অন্য দেশে সরিয়ে নেবেন। এ রকম একটা নাজুক সময়ে কারখানা বন্ধ রাখার সিদ্ধান্ত নিতে কঠোর সতর্কতা অবলম্বন করা প্রয়োজন বলে মনে করেন সংশ্লিষ্টরা। তারা বলছেন, বন্ধের ২০ দিনে যদি বাংলাদেশের শিল্প মালিকরা ক্রেতা হারান, তাহলে আসন্ন ক্রয়াদেশগুলো সব বাতিল হয়ে যাবে।

উল্লেখ্য, গত এপ্রিলে সরকার বিধিনিষেধ দিলেও রপ্তানিমুখী পোশাকসহ অন্যান্য শিল্প-কারখানা উৎপাদন চালানোর সুযোগ পায়। সর্বশেষ গত ২৮ জুন শুরু হওয়া সীমিত এবং পরে ১ জুলাই থেকে চলমান কঠোর বিধিনিষেধেও পোশাকসহ অন্যান্য শিল্প-কারখানা চালু রয়েছে।

এর আগে করোনা সংক্রমণের পরিপ্রেক্ষিতে গত বছর মার্চের শেষ দিকে সাধারণ ছুটি ঘোষণা করে সরকার। তখন অনেকে কারখানা বন্ধ করলেও কিছু খোলা ছিল। পরে হঠাৎ এপ্রিলের প্রথম সপ্তাহে সাধারণ ছুটির মধ্যে কারখানা খোলার ঘোষণা দিলে শ্রমিকরা চরম ভোগান্তিতে পড়েন। দেশের বিভিন্ন এলাকা থেকে হেঁটে, রিকশা-ভ্যানে চড়ে কারখানায় পৌঁছেন শ্রমিকেরা। বিষয়টি নিয়ে ব্যাপক সমালোচনা হলে আবার কারখানা বন্ধ করতে বাধ্য হন মালিকরা। পরে গত বছর এপ্রিলের শেষ সপ্তাহে কারখানা আবার খুলে দেয়া হয়।

এক্সক্লুসিভ রিলেটেড নিউজ

সর্বশেষ

সর্বাধিক পঠিত